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Monday, December 17, 2018

JAIT

                                                                                              

अघासुर का वधस्थल - जय कुण्ड   

       वृन्दावन के नजदीक हाइवे पर स्थित जैंत ग्राम, ब्रज के चौरासी कोस की परिक्रमा में आने वाला एक प्रमुख ग्राम है। यहाँ प्राचीन समय का जयकुंड स्थित है। कहा जाता है यही वो स्थान है जहाँ भगवान श्री कृष्ण को मारने के लिए कंस ने अघासुर नाम के दैत्य को भेजा था जो रिश्ते में पूतना राक्षसी का भाई भी था। अघासुर एक विशालकाय अजगर था जो इस इस स्थान पर आकर छुप गया और जब श्री कृष्ण गाय चराते हुए अपने ग्वाल वालों के साथ यहाँ पहुँचे तो अघासुर ने समस्त ग्वालवालों को निगलना शुरू कर दिया। भगवान श्री कृष्ण, अघासुर की इस चतुराई को समझ गए और अघासुर का निवाला बनने के लिए उसके सम्मुख आ गए। अघासुर ने बिना कोई पल गंवाए श्री कृष्ण को निगलना शुरू कर दिया। 

Tuesday, February 27, 2018

ANYOUR


गोवर्धन परिकर्मा प्रथम चरण 
आन्यौर ग्राम स्थित श्रीनाथ का प्राकट्य स्थल और संकर्षण कुंड।

      अब मैं गोवर्धन पर्वत की तलहटी के बिलकुल नजदीक पहुँच गया था, मेरे दूसरी तरफ आन्यौर ग्राम था। यहाँ से एक रास्ता गोवर्धन पर्वत के ऊपर स्थित एक मंदिर को जाता है। मैं फिर से अपने जूते उतार कर गोवर्धन पर्वत पर चढ़ा और मंदिर पर पहुंचा। यहाँ मैंने गोवर्धन पर्वत के दूसरी तरफ देखा तो ये जतीपुरा था जो यहाँ से परिक्रमा मार्ग के अनुसार काफी दूर था। आन्यौर और  जतीपुरा के लोग पैदल के रूप में जाने जाने के लिए गोवर्धन पर्वत का इस्तेमाल करते हैं। इस मंदिर के बारे में अगले पोस्ट में जिक्र किया जायेगा।

Saturday, February 17, 2018

BAHULAVAN




बहुलावन - ग्राम बाटी 


       ब्रज के बारह वनो में से एक बहुलावन ब्रज का चौथा वन है जहाँ बहुला बिहारी के साथ साथ बहुला गौ माता के दर्शन हैं। मथुरा से आठ किमी दूर स्थित ग्राम बाटी में स्थित  ब्रज का पौराणिक स्थल बहुलावन अत्यंत ही प्राकृतिक और ब्रज की धार्मिक धरोहर के रूप में व्यवस्थित है। यहाँ भगवान् श्री कृष्ण ने बहुला गाय की बाघ से रक्षा की थी। इसकी कथा निम्नप्रकार है -