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PANJAB MAIL AND MEERA BHARDWAJ

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मैं, मीरा मौसी और पंजाब मेल

          ना जाने क्या खाश था आजकी इस सुबह में, कि मैंने सोचा नहीं था आज मेरा वो सपना भी पूरा हो जायेगा जिसे मैं ना जाने कब से देखता आ रहा था और वो सपना था मीरा मौसी के साथ ट्रेन में एक यात्रा करने का।  आज सुबह थोड़ा लेट, अपनी आईडिया मोबाइल की ऑफिस पहुंचा तो साथ में काम करने वाले वंशीधर जी ने बताया कि सुधीर तेरे लिए एक खुश खबरी है। मैंने कहा क्या? तो वंशीधर जी ने कहा कि तेरी मौसी का फोन आया है तुझसे बात करना चाहती है। उनकी यह बात सुनकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि मैंने सोचा भी नहीं था कि वो सीधे मेरी ऑफिस में भी फोन कर सकती है। मैंने जल्दी से अपनी जेब से अपना मोबाइल निकाला तो देखा वो बंद था।अब समझ में आया कि उसने मेरी ऑफिस में फोन क्यों किया और अगर किया है तो जरूर कोई आवश्यक कार्य  ही होगा। 
       मैंने तुरंत वापस कॉलबैक किया तो जबाब में मौसी ने कहा कि आज वो दिल्ली जाना चाहती है अपनी बड़ी बहिन से मिलने जो दिल्ली में रहती हैं, बिजली के तारों की चपेट में आ गई थी जिनसे वो बाल बाल बची थी। मैं यह सुनकर एक तरफ तो बहुत खुश हुआ परन्तु इस घटनाक्रम को सुनने के पश्चा…

आयराखेड़ा ग्राम की एक बारात

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आयराखेड़ा ग्राम की एक बारात
     काफी पुरानी बात है जब मैं हाई स्कूल में था और मेरी बोर्ड के एग्जाम नजदीक थे। मेरा आज साइंस का प्रेक्टिकल था। लैब में मुझसे एक वीकर और एक केमिकल की बोतल फूट गई जिस कारण सर ने मुझे तोड़ दिया। सजा पाकर थका हारा जब मैं घर पहुंचा तो माँ ने याद दिलाया कि आज मेरी दूर की मौसी की शादी है इसलिए मुझे आयराखेड़ा जाना पड़ेगा मैंने घडी में देखा तो दोपहर के डेढ़ बजे थे यानी आगरा कैंट से मथुरा के किये कोई ट्रेन नहीं थी ।
    आयरा खेड़ा मेरी माँ का गाँव है जो मथुरा कासगंज रेल मार्ग पर स्थित राया स्टेशन से पांच किलोमीटर दूर है। आयराखेड़ा गाँव का नाम सरकारी कागजों में बिन्दुबुलाकी है, अतः गूगल मैप में भी इसे बिन्दुबुलाकी के नाम से ही खोजा जा सकता है। मुझे याद आया कि आगरा फोर्ट से मथुरा के लिये एक ट्रेन है जिसका नाम है गोकुल एक्सप्रेस ।