Showing posts with label मुरसान. Show all posts
Showing posts with label मुरसान. Show all posts

Saturday, March 16, 2013

एक यात्रा मुरसान होकर


एक यात्रा मुरसान होकर 

     आज मैं और कुमार रतमान गढ़ी के लिए रवाना हुए । यह मेरी छोटी मौसी का गाँव है जो मथुरा कासगंज वाली रेल लाइन पर स्थित मुरसान स्टेशन से पांच किमी दूर है । आज माँ ने कहा जा अपनी मौसी के यहाँ से आलू ले आ । दरअसल मेरे मौसा जी एक किसान हैं और हरबार की तरह उनके खेतों में इसबार भी आलू हुए । इसलिए मैं भी चल दिया एकाध बोरी लेने और साथ मैं कुमार भी । 

     आगरा कैंट से होते हुए हम मथुरा पहुंचे और मथुरा से पैसेंजर पकड़कर सीधे मुरसान । मुरसान पूर्वोत्तर  रेलवे का स्टेशन है जिसका मुख्यालय बड़ा ही इज्ज़तदार है मतलब इज्ज़त नगर । जो बरेली में हैं । मथुरा से कासगंज वाली पैसेंजर ट्रेनों में अधिकतर भीड़ चलती है, कारण है सड़क मार्ग से कम समय और सस्ता किराया । परन्तु हम तो मथुरा से ही सीट पर बैठकर आये थे, बस उतरने में ही थोड़ी परेशानी हुई ।