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Friday, March 1, 2019

GONDIA JN.



विदर्भ की यात्रायें 
नागभीड़ से गोंदिया पैसेंजर रेल यात्रा 

इतवारी से आई हुई नेरो गेज पैसेंजर का इंजिन आगे से हटाकर पीछे लगा दिया गया और यह वापस इतवारी  जाने के लिए तैयार थी।  अब मैं यहाँ से बल्लारशाह से आने वाली ब्रॉड गेज की लाइन से गोंदिया को जाऊँगा जो यहाँ साढे चार बजे आयेगी और अभी 2 बजे हैं, यानी पूरा ढाई घंटा है अभी मेरे पास। नागभीड स्टेशन शहर से दूर एकांत क्षेत्र में स्थित है यह किसी ज़माने में नेरो गेज लाइन का मुख्य जंक्शन स्टेशन था जहाँ से नागपुर, गोंदिया और राजोली तक जाती थी, बाद में इसे चंदा फोर्ट तक बढ़ा दिया गया। सन 1992  इसे चंदा फोर्ट  लेकर गोंदिया तक नेरो गेज से ब्रॉड गेज में बदल दिया गया परन्तु नागपुर से नागभीड रेल खंड आज भी नेरो गेज ही है। कुछ साल पहले नागपुर से इतवारी बीच नैरो गेज ट्रैक को ब्रॉड गेज में बदल दिया गया और नागपुर से नागभीड जाने वाली नैरो गेज की ट्रेनों का इतवारी से संचालन  किया जाने लगा।

TRIP TO VIDARABH



विदर्भ की ओर 
मथुरा से नागपुर और नागभीड़  रेल यात्रा  
                 मथुरा जं. से नागपुर - तेलांगना एक्सप्रेस                   भिवापुर से नागभीड़ - नेरो गेज पैसेंजर 
   
 अब समय हो चला था महाराष्ट्र की तरफ प्रस्थान करने का, मैं ऑफिस से घर पहुँचा और शीघ्र ही यात्रा के लिए तैयार हो गया। इस यात्रा में मैं अकेला ही था इसलिए पड़ोस में रहने वाले पवन भाई के साथ मथुरा स्टेशन पहुँचा। मेरा आरक्षण हैदराबाद जाने वाली तेलंगाना एक्सप्रेस में था हुए मेरी सीट भी कन्फर्म थी। उचित समय पर ट्रेन भी आ गई और मैं अपनी सीट पर पहुँचा। मेरी सीट साइड अपर थी जाते ही अपनी सीट पर मैं सो गया। हालांकि मथुरा को आँखों से निकलते देख थोड़ा दुःख भी हुआ किन्तु नई मंजिलों को देखने की ख़ुशी भी थी।