KAINCHI DHAM



पर्वतीय फल बाजार भुवाली और कैंची धाम


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     श्री नैना देवी जी के दर्शन करने के पश्चात् दोपहर करीब दो बजे हम खाना खाकर नैनीताल से कैंचीधाम की तरफ निकल पड़े। कैंची धाम से पहले हम नैनीताल से कुछ दूर स्थित भुवाली पहुंचे।  भुवाली समुद्र तल से 1106 मीटर की ऊँचाई पर स्थित बहुत बड़ा पर्वतीय फल बाजार है। यहाँ से एक रास्ता अल्मोड़ा और रानीखेत के लिए गया है दूसरा मुक्तेश्वर की ओर , तीसरा भीमताल की तरफ और चौथा नैनीताल की तरफ जिस पर से हम अभी होकर आये हैं। सबसे पहले मैंने अपनी बाइक को अल्मोड़ा की तरफ मोड़ दिया जहाँ से मैं रानीखेत जाना चाहता था परन्तु समय की कम उपलब्धता की वजह से कैंची धाम तक ही सफर पूरा किया। भुवाली में पर्यटन दृष्टि से कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है परन्तु यहाँ की सुंदरता और प्राकृतिक वातावरण हर सैलानी को यहाँ आने के लिए विवश कर देते हैं।  


     कैंची धाम भुवाली से 8 किमी दूर एक शानदार मंदिर या आश्रम है जिसकी स्थापना का श्रेय बाबा नीमकरोली जी महाराज को जाता है। यह इतना शानदार धार्मिक स्थल है कि नैनीताल आने वाले अधिकतर सैलानी यहाँ अवश्य आते हैं। यहाँ आकर वास्तव में मन को अद्भुत शांति और संतोष प्राप्त होता है।  15 जून को इसकी स्थापना के शुभ अवसर पर यहाँ प्रत्येक वर्ष विशाल भंडारे का आयोजन होता है। हम यहाँ 15 तारीख से कई दिन बाद पहुंचे अन्यथा हम भी इस विशाल भंडारे को अपनी आँखों से देख सकते और यहाँ बनने वाले अति स्वादिष्ट प्रसाद का भोग पाते। यह इच्छा भी आगे चलकर अवश्य पूरी की जाएगी क्योंकि अभी रानीखेत और अल्मोड़ा हमारे कैमरे के नजर से दूर जो रह गए थे।

    कैंची धाम में कुछ देर रूकने के बाद हम वापस भुवाली की तरफ रवाना हो लिए, देवदार के घने वृक्षों से घिरा  यह रास्ता देखने में बहुत ही मनोरम लगता है, यहाँ के शानदार घुमावदार सड़कों पर बाइक चलाना मेरे लिए एक शानदार अनुभव था, हालाँकि कुछ पल के लिए मुझे इन रास्तों पर बाइक चलाने के दौरान चक्कर से भी महसूस हुए परन्तु वो लगातार कल से बाइक चलाने और पर्याप्त नींद न ले पाने कारण हुआ था।  भुवाली में मैंने कुछ देर रूककर आराम किया और फिर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया।

कैंचीधाम आश्रम 

भुवाली की तरफ 


रास्ते में एक स्थान पर थोड़ा आराम 

क्षिप्रा नदी 

मेरी पत्नी कल्पना 

कैंचीधाम आश्रम 

कैंची धाम आश्रम 



मेरी बाइक कैंची धाम के दर्शन करते हुए


अगला भाग - भीमताल और नौकुचियाताल 

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