BHIMTAL



भीमताल और नौकुचियाताल


इस यात्रा को शुरू पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

    भुवाली से निकलकर मैं वापस पहाड़ों की तरफ चढ़ने लगा था, तभी अचानक मेरी नजर एक स्टीम इंजन पर पड़ी जो सड़क के किनारे खड़ा हुआ था, आश्चर्य की बात थी इतनी ऊंचाई पर रेलवे का स्टीम इंजन। फिर मेरी नजर उसके पास लगे एक बोर्ड पर पड़ी जिसपर लिखा था "WELCOME TO COUNTRY INN". ये वही होटल है जो मथुरा के पास कोसीकलां से कुछ आगे भी हाईवे पर स्थित है और वहां पर भी इसी प्रकार का एक स्टीम इंजन खड़ा हुआ है।  मतलब यह इंजन इस होटल की खास पहचान है, जहाँ कहीं भी ऐसा इंजन आपको ऐसे टूरिस्ट स्थलों पर देखने को मिले तो समझ जाना यह रेलवे की संपत्ति नहीं, कंट्री इन होटल की संपत्ति है।  हालाँकि इस होटल में बड़े बड़े लोगो का ही आना जाना होता है, हम जैसे मुसाफिरों का यहाँ क्या काम।  इसलिए इस इंजन के फोटो खींचे और आगे बढ़ चला।


      कुछ ही देर में हम भीमताल में थे, नैनीताल के तालों मे ही नहीं बल्कि पूरे कुमाँयू क्षेत्र का सबसे बड़ा ताल है। इसका आकर त्रिभुजाकार है। भीमताल की समुद्रतल से ऊंचाई 1370 मीटर है और यह नैनीताल से लगभग 22 किमी दूर है। भीमताल झील के बीच में एक द्धीप भी है जिस पर एक रेस्टोरेंट स्थित है और एक शिव मंदिर भी है।  मान्यता है कि पांडवों के वनवास के दौरान सबसे बलशाली पांडव भीम ने इस झील का निर्माण किया था जिसकारण इसे भीमताल के नाम से जाना जाता है। कुछ देर भीमताल में रुकने के पश्चात् हम नौकुचिया ताल के लिए रवाना हो गए।

     भीमताल से नौकुचिया ताल की कुल दूरी पांच किमी है। नौकुचियाताल में हम जिस झील के किनारे खड़े हुए वह आकर में एक छोटी और चतुर्भुजाकार  थी जिसमे कमल के पुष्प प्रचुर मात्रा में थे।  मैंने यहां कई वर्षों बाद अपने देश के राष्ट्रीय पुष्प को खिलते हुए देखा था किन्तु जितना मुझे इस झील के बारे पता था यह नौकुचिता ताल झील नहीं थी उसका एक मात्र भाग थी, कल्पना के कहने पर मैं कुछ और आगे बढ़ा तो कुछ दुकाने और घोड़े वाले मुझे खड़े हुए दिखाई दिए और दिखाई दी कुमांयूँ मंडल की सबसे गहरी झील नौकुचिया। 

      इस झील की गहराई 39 मीटर है और इसका आकार नौ भुजाकार है इसलिए इसे नौकुचिया झील कहा जाता है। यहाँ कल्पना ने उत्तराखण्ड के परिधान में कुछ फोटो खिंचवाए। अब शाम हो चली थी और हमारे रुकने का अभी कोई इंतज़ाम नहीं था। मुझे अब घर की याद आने लगी थी और अपनी नैनीताल की इस यात्रा को यहीं तक पूरा कर मैं वापस अब घर की तरफ लौट लिया था लेकिन घर अभी भी हमसे काफी दूर था।


कंट्री इन् वालों का स्टीम इंजन 



भीमताल झील के सामने एक मूर्ति 

भीमताल प्रथम दर्शन 

कुमाँयू की सबसे बड़ी झील 




नौकुचिया ताल - प्रथम दर्शन 










अगला भाग - काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर एक रात

Comments

Popular posts from this blog

KANGRA

MAIHAR

NARAYANI DHAM