Posts

Showing posts from November, 2006

PANJAB MAIL AND MEERA BHARDWAJ

Image
मैं, मीरा मौसी और पंजाब मेल

          ना जाने क्या खाश था आजकी इस सुबह में, कि मैंने सोचा नहीं था आज मेरा वो सपना भी पूरा हो जायेगा जिसे मैं ना जाने कब से देखता आ रहा था और वो सपना था मीरा मौसी के साथ ट्रेन में एक यात्रा करने का।  आज सुबह थोड़ा लेट, अपनी आईडिया मोबाइल की ऑफिस पहुंचा तो साथ में काम करने वाले वंशीधर जी ने बताया कि सुधीर तेरे लिए एक खुश खबरी है। मैंने कहा क्या? तो वंशीधर जी ने कहा कि तेरी मौसी का फोन आया है तुझसे बात करना चाहती है। उनकी यह बात सुनकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि मैंने सोचा भी नहीं था कि वो सीधे मेरी ऑफिस में भी फोन कर सकती है। मैंने जल्दी से अपनी जेब से अपना मोबाइल निकाला तो देखा वो बंद था।अब समझ में आया कि उसने मेरी ऑफिस में फोन क्यों किया और अगर किया है तो जरूर कोई आवश्यक कार्य  ही होगा। 
       मैंने तुरंत वापस कॉलबैक किया तो जबाब में मौसी ने कहा कि आज वो दिल्ली जाना चाहती है अपनी बड़ी बहिन से मिलने जो दिल्ली में रहती हैं, बिजली के तारों की चपेट में आ गई थी जिनसे वो बाल बाल बची थी। मैं यह सुनकर एक तरफ तो बहुत खुश हुआ परन्तु इस घटनाक्रम को सुनने के पश्चा…