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Friday, September 29, 2017

KUSUM SAROVER


गोवर्धन परिक्रमा एवं कुसुम सरोवर

       अभी कुछ ही दिनों पहले मेरी कंपनी का गोवर्धन क्षेत्र में एक इवेंट लगा जिसकी मुनियादी गोवेर्धन क्षेत्र के आसपास कराई जानी थी जिसकी जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई। मैंने एक टिर्री बुक की, जिसमे स्पलेंडर बाइक फिट थी और पीछे आठ दस सवारियों के बैठने की जगह थी। इस टिर्री के साथ मैंने मुनियादी करने  के लिए  गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र को चुना। मौसम आज सुहावना था, सुबह सुबह खूब तेज बारिश पड़ी इसलिए मौसम में काफी ठंडक भी थी। गोवर्धन का परिक्रमा मार्ग कुल 21 किमी का है जो  दो भागों में विभाजित है बड़ी परिक्रमा और छोटी परिक्रमा। बड़ी परिक्रमा कुल चार कोस की है, मतलब 12 किमी और छोटी 3 कोस की मतलब 9 किमी की।   

      गोवर्धन के मुख्य मंदिर दानघाटी से परिक्रमा शुरू होती है जो आन्यौर होती हुई राजस्थान की सीमा में प्रवेश करती है जहाँ पौराणिक पूँछरी के लौठा का मुख्य मंदिर है। यह गोवर्धन पर्वत का अंतिम स्थल है इसके बाद परिक्रमा पर्वत के दूसरी तरफ वापस दानघाटी की तरफ मुड़ जाती है जो जतीपुरा होते हुए वापस गोवर्धन जाती है। यह 12 किमी की बड़ी परिक्रमा है, यहाँ से अब छोटी परिक्रमा शुरू होती है जो गोवर्धन के बड़े बाजार से होती हुई राधाकुंड पहुंचती है। राधाकुंड से आगे कुसुम सरोवर के नाम से एक पौराणिक स्थल है जो अत्यंत ही खूबसूरत है।

    कुसुम सरोवर से सीधे हम वापस गोवर्धन पहुंचते हैं, यह परिक्रमा इन्फिनिटी के डिज़ाइन की तरह है, गोवर्धन परिक्रमा के दौरान अनेको छोटे और बड़े मंदिर पड़ते हैं जो कि दर्शनीय हैं।


गोवर्धन का एक मंदिर 

ऋणमोचन कुंड 

मानसी गंगा द्धार 

गोवर्धन 

जय गिर्राज जी महाराज 



दानघाटी मंदिर 




पूँछरी का लौठा , गोवर्धन, राजस्थान 





रूद्र कुंड 


चूतड़ टेका , एक विश्राम स्थल 

कुसुम सरोवर 

कुसुम सरोवर 

कुसुम सरोवर 

टिर्री वाला भाई 




प्राचीन कुंआ , कुसुम सरोवर 




जपाकर शर्मा , सिद्ध यात्री निवास होटल के डायरेक्टर